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मराठवाड़ा में बारिश ने दी दस्तक, कृषि विभाग की सलाह पर किसान शरू कर रहे हैं बुवाई

विदर्भ समेत मराठवाड़ा में बारिश ने दी दस्तक

Image Credit source: TV9 Digital

Rain in Maharashtra: पूरे राज्य में बारिश शुरू हो गई है और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए माहौल बन रहा है. फिर भी कृषि विभाग किसानों से अपील कर रहा है कि पर्याप्त बारिश होने के बाद और मिट्टी की नमी देखर ही बुवाई का काम शुरू करें.

इस साल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण खरीफ की बुआई में 20 दिन की देरी हुई है. ऐसे में किसान अब ऐसी फसलों पर ध्यान दे रहे हैं जो जल्द तैयार हो सके. लेकिन जिन किसानों ने बारिश से पहले ही बुवाई कर ली थी, उन्हें अब दोबारा बुवाई का संकट झेलना पड़ रहा है. हालांकि अब मॉनसून का इंतजार खत्म हो गया है. विदर्भ समेत मराठवाड़ा में बारिश शुरू हो चुकी है. कृषि विभाग किसानों (Farmer) से अपील कर रहा है की 75 से 100 मिमी बारिश दर्ज होने तक बुवाई न करें. हालांकि कृषि विभाग (Agriculture Department) की ओर से सीजन की शुरुआत से ही यही अपील की जा रही है, लेकिन कई किसानों ने बारिश नहीं होने पर भी बुवाई कर दोहरी बुवाई के संकट में पड़ गए हैं. लेकिन पिछले दो दिनों से मौसम में आए बदलाव से अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही है.

इस साल बारिश के इंतज़ार में न केवल महाराष्ट्र बल्कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी बुवाई में देरी हुई है. नतीजा यह है कि किसान अब अरहर, उड़द और मूंग की बुवाई से परहेज कर रहे हैं और सोयाबीन पर ध्यान दे रहे हैं. राज्य के कई जिलों में किसानों ने कृषि विभाग की बात नहीं मानी और पहले ही बुवाई के साथ खुद से सिंचाई का काम कर लिया, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए और अब उन्हें दोबारा बुवाई करना पड़ रहा है. देर से खरीफ सीजन बुवाई के लिए अनुकूल रहा है और उम्मीद है कि पूरे राज्य में एक सप्ताह में बुवाई का काम तेजी से हो जाएगा, क्योंकि अब बारिश शुरू हो चुकी है और कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर 15 जुलाई तक भी किसान बुवाई कर लेते हैं तो भी खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर नहीं होगा.

कपास और सोयाबीन पर ध्यान

खरीफ सीजन के दौरान, किसान तिलहन के साथ-साथ दलहन पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं. हालांकि राज्य में किसान सोयाबीन और कपास की अधिक खेती करते हैं. इस साल कृषि विभाग की तरफ से कहा जा रहा है कि प्रकृति आधारित बुवाई जारी रहेगी. वर्तमान स्थिति के कारण, अनाज की देर से बुवाई से अपेक्षित उपज नहीं मिलती है तो अब तूर, उड़द और मूंग का विषय समाप्त हो गया है, इसलिए कृषि विभाग ने दावा किया है कि सोयाबीन का रकबा पिछले साल की तुलना में बढ़ेगा.

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क्या है कृषि विभाग की सलाह?

अभी कुछ जिलों में बारिश हो रही है, लेकिन उनमें किसानों को मिट्टी चेक करना होगा कि बुवाई योग्य है या नहीं. इसिलए कृषि विभाग सलाह दे रहा है कि जब तक पर्याप्त बारिश दर्ज न हो जाए, तब तक वे जल्दबाजी में बुवाई न करें. पहले से हुई देरी और अब हो रही बारिश से किसानों में उम्मीद जगी है.

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